बहुत पुरानी कहावत है कि शादियां स्वर्ग में बनती है, लेकिन आज का युवा वर्ग इस बात को नहीं स्वीकारता। हमारे देश में
परंपरागत शैली के अनुसार व्यक्ति के जीवन में शादी जैसे फैसले को लेने का अधिकार
उसके माता पिता का होता है। लेकिन आज जीवनशैली के बदलते चलन के साथ–साथ अधिकतर भारतीय अपनी पसंद से विवाह कर रहे हैं और अब ऐसे
सम्बन्धों को बनाना पहले की तरह जटिल भी नहीं
रहा।
0 comments:
Post a Comment